जंगल
मुझे लगता हैµ
इंसान पर सभ्यता का भार
लाद दिया गया है
इंसान भी एक जंतु है
यह मानना कितना सुकून भरा है
आप नहीं जानते
हत्यारा जब जेल से निकलकर हाथ हिलाता है
तब मुझे स्वागत में खड़ी भीड़ और हत्यारा दोनों
मानवता के प्रति निराश कर देते हैं
लेकिन तभी मैं जंगल से
एक हृष्ट-पुष्ट बायसन निकलते देखता हूं
उसके सींग
उसकी चाल क....
