कृत्रिम मेधा का उपयोग
प्रियदर्शन जी को पाखी के मार्च 2026 के अंक में कृत्रिम मेधा (।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम) पर गंभीर, सामयिक और आवश्यक विमर्श सामने रखने के लिए साधुवाद। सच है हम ऐसे समय में जी रहे हैं जहां तकनीक हमें अपार शक्ति और सुविधाएं दे रही है, लेकिन साथ ही यह हमारी नैतिकता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रही है। कृत्रिम मे....
