सुकन्या शर्मा

आखिरी साथी

गुनगुनी धूप की एक किरण पर्दे से फिसलकर मेरी पलकों को छू गई और मेरी नींद खुल गई। मैंने उठकर चाय बनाई और बरामदे में आकर बैठ गया।
इस घर में मुझे अकेले रहते हुए लगभग दस साल हो गए हैं।
खैर, लगभग ही अकेले।
मेरी पुरानी मारुति 800 गाड़ी अभी भी गैरेज में खड़ी हैµमेरे ढलते दिनों की आखिरी अटूट साथी बनकर।
जब मेरी पत्नी प्रतिभा जीवित थी, यह घर हलचल से भरा रहता था। आंगन ....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें