‘कल शाम से बाहर नहीं निकली है। जरा ऊपर जाकर देखकर
आओ।’ निर्मला बहन ने परेश को कहा।
‘लेकिन मम्मी, पापा को गए तो एक वर्ष हो गया। अब हमें उनसे क्या लेना-देना?’
‘मैंने तुमसे पूछा नहीं, कहा है। बच्चे बुआ के वहां गए हैं, इसलिए--- तुम जाते हो या मैं स्मिता को भेजूं?’ कहते हुए निर्मला बहन ने परेश की पत्नी की तरफ देखा। स्मिता मंद-मंद मुस्कुराते हुए परेश क....
