उसने जबसे होश संभाला, यही देखते आ रहा था कि अम्मा, पूजा पाठ में हमेशा लगी रहती और व्रत त्योहार निकट होने पर वह कई दिन पहले से ही इसकी तैयारी कर रही होती। उन्हें पूरा विश्वास था कि मूक प्राणियों की सेवा करने पर ईश्वर प्रसन्न होते हैं- और उन्हें नरक में न भेजकर अपनी सेवा करने को स्वर्ग में रख लेते हैं। इसी उद्देश्य से वह रोज गाय या स्वान को बुलाकर रोटी खिलाती थी। एक ....
