प्रियदर्शन

इसके बाद ये पूछें कि कौन दुश्मन है

कभी अहमद फराज ने एक नज़्म लिखी थीµ‘चलो मैं हाथ बढ़ाता हूं दोस्ती के लिए’। भारत-पाक के नाजुक रिश्तों के बीच लिखी इस नज़्म में वे महाभारत और कर्बला दोनों का जिक्र करते हैं और लिखते हैंµ‘तुम्हारे देस में आया हूं दोस्तो अब के / न साज-ओ-नग्मा की महफिल न शायरी के लिए / अगर तुम्हारी अना ही का है सवाल / तो फिर चलो मैं हाथ बढ़ाता हूं दोस्ती के लिए।’
इसका जवाब उर्दू ....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें